अंजना ओम कश्यप
अंजना कश्यप, एक तेज़तर्रार और बेखौफ पत्रकार हैं. हल्ला बोल और स्पेशल
रिपोर्ट, उनके दो सबसे पुराने और लोकप्रिय कार्यक्रम हैं. पत्रकार के रूप
में दशकों के अनुभव के साथ अंजना निर्भिक और आक्रामक अंदाज़ के साथ खबरों
को सामने रखती हैं. धारदार सवालों की बौछार अंजना की पहचान है. राजनीति से
जुड़ी खबरों पर अंजना की धमक है.
अंजना ने कई आम और विधानसभा चुनाव देश के कोने-कोने में जाकर कवर किए हैं. ना सिर्फ ग्राउंड रिपोर्ट बल्कि आम जनता के साथ लाइव शो के ज़रिए अंजना ने देश की नब्ज़ हर चुनाव में जनता तक पहुंचाई है. हर चुनाव में हज़ारों किलोमीटर तक अंजना का चुनावी कारवां चलता है जो टटोलता है ज़मीन पर जनता का मिज़ाज.
अपने शो राजतिलक के ज़रिए अंजना ने टीवी पत्रकारिता में ये साबित किया है कि जमीन की हकीकत कई बार स्टूडियो की हवा-हवाई बातों से मुखतलिफ होती हैं. एक ऐसे वक्त पर जब पत्रकारिता सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुज़र रहा है, अंजना का मंत्र है धारदार पत्रकारिता, जो मुद्दे के साथ समझौता कभी ना करे. हित सरदाना, भारत के सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले, ऊर्जावान एंकर हैं. रोहित ने डेढ़ दशक के अपने करियर में ऑल इंडिया रेडियो में बतौर उद्घोषक पहले अपनी आवाज़ को घर घर पहुंचाया तो ईटीवी, सहारा और ज़ी न्यूज़ में अपने विशेष तेवरों वाली एंकरिंग से हिंदुस्तान के कोने कोने में अपने नाम का परचम लहराया.
बयानों से ख़बरों की हेडलाइन्स बन जाती हैं और सोशल मीडिया में हलचल मच जाती है. लाखों लोग ट्वीट का इंतज़ार करते हैं. हज़ारों लोग रीट्वीट करने को बेताब रहते हैं.रोहित की कई ऐसी स्टोरीज रहीं जिन्होनें देश की खबरों का एजेंडा सेट किया, जिनमें से ख़ास रहीं जेएनयू में देश विरोधी नारे, कश्मीर में हुर्रियत नेताओं का पाकिस्तान का फंड कनेक्शन, पं. बंगाल के मालदा और धूलागढ़ की सांप्रदायिक हिंसा, कैराना के पलायन का सच और तीन तलाक के खिलाफ़ एक सामाजिक आंदोलन की शुरुआत.
2014 में लोकसभा चुनावों के पहले सांसदों का लेखाजोखा कार्यक्रम बनाया जो मील का पत्थर है. आम चुनाव हों या राज्यों के चुनाव हर राज्य में घूम-घूम कर स्पष्ट और सटीक रिपोर्टिंग के साथ लोगों के मन की बात जानी.हिसार, हरियाणा से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रोहित के नाम हिंदी पत्रकारिता का प्रतिष्ठित गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार भी है.वेता सिंह आजतक में एग्जीक्यूटिव एडिटर पद पर कार्यरत हैं और वो चैनल के प्रोग्रामिंग विभाग का नेतृत्व करती हैं. पत्रकारिता में दो दशक से अधिक वक्त बिता चुकीं श्वेता, 15 वर्षों से आजतक से जुड़ी हैं. श्वेता टीवी न्यूज़ के हर क्षेत्र में महारथ रखती हैं.
श्वेता इकलौती पत्रकार हैं जिन्हें सर्वश्रेष्ठ ऐंकर, सर्वश्रेष्ठ प्रोड्यूसर और सर्वश्रेष्ठ रिपोर्टर का अवॉर्ड मिल चुका है. 2016 में श्वेता को अलग अलग समारोह में कुल 12 अवॉर्ड मिले थे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, बिज़नेस, राजनीति, एंटरटेनमेंट और खेल पत्रकारिता में उनका समान दखल है.
श्वेता आजतक पर रोज़ रात 9 बजे दर्शकों को ‘ख़बरदार’ करती हैं. तो हर हफ़्ते कुछ ‘अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय’ लेकर भी आती हैं. उनके चुनिंदा कार्यक्रमों में शामिल हैं वंदे मातरम, हर हर गंगे, श्वेतपत्र और पाटलिपुत्र. श्वेता मशहूर टॉक शो ‘सीधी बात’ को भी होस्ट करती हैं. टीवी प्रोग्रामिंग के साथ साथ, श्वेता यू ट्यूब चैनल ‘भारत तक’ की टीम को भी लीड करती हैं.
अंजना ने कई आम और विधानसभा चुनाव देश के कोने-कोने में जाकर कवर किए हैं. ना सिर्फ ग्राउंड रिपोर्ट बल्कि आम जनता के साथ लाइव शो के ज़रिए अंजना ने देश की नब्ज़ हर चुनाव में जनता तक पहुंचाई है. हर चुनाव में हज़ारों किलोमीटर तक अंजना का चुनावी कारवां चलता है जो टटोलता है ज़मीन पर जनता का मिज़ाज.
अपने शो राजतिलक के ज़रिए अंजना ने टीवी पत्रकारिता में ये साबित किया है कि जमीन की हकीकत कई बार स्टूडियो की हवा-हवाई बातों से मुखतलिफ होती हैं. एक ऐसे वक्त पर जब पत्रकारिता सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुज़र रहा है, अंजना का मंत्र है धारदार पत्रकारिता, जो मुद्दे के साथ समझौता कभी ना करे. हित सरदाना, भारत के सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले, ऊर्जावान एंकर हैं. रोहित ने डेढ़ दशक के अपने करियर में ऑल इंडिया रेडियो में बतौर उद्घोषक पहले अपनी आवाज़ को घर घर पहुंचाया तो ईटीवी, सहारा और ज़ी न्यूज़ में अपने विशेष तेवरों वाली एंकरिंग से हिंदुस्तान के कोने कोने में अपने नाम का परचम लहराया.
बयानों से ख़बरों की हेडलाइन्स बन जाती हैं और सोशल मीडिया में हलचल मच जाती है. लाखों लोग ट्वीट का इंतज़ार करते हैं. हज़ारों लोग रीट्वीट करने को बेताब रहते हैं.रोहित की कई ऐसी स्टोरीज रहीं जिन्होनें देश की खबरों का एजेंडा सेट किया, जिनमें से ख़ास रहीं जेएनयू में देश विरोधी नारे, कश्मीर में हुर्रियत नेताओं का पाकिस्तान का फंड कनेक्शन, पं. बंगाल के मालदा और धूलागढ़ की सांप्रदायिक हिंसा, कैराना के पलायन का सच और तीन तलाक के खिलाफ़ एक सामाजिक आंदोलन की शुरुआत.
2014 में लोकसभा चुनावों के पहले सांसदों का लेखाजोखा कार्यक्रम बनाया जो मील का पत्थर है. आम चुनाव हों या राज्यों के चुनाव हर राज्य में घूम-घूम कर स्पष्ट और सटीक रिपोर्टिंग के साथ लोगों के मन की बात जानी.हिसार, हरियाणा से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रोहित के नाम हिंदी पत्रकारिता का प्रतिष्ठित गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार भी है.वेता सिंह आजतक में एग्जीक्यूटिव एडिटर पद पर कार्यरत हैं और वो चैनल के प्रोग्रामिंग विभाग का नेतृत्व करती हैं. पत्रकारिता में दो दशक से अधिक वक्त बिता चुकीं श्वेता, 15 वर्षों से आजतक से जुड़ी हैं. श्वेता टीवी न्यूज़ के हर क्षेत्र में महारथ रखती हैं.
श्वेता इकलौती पत्रकार हैं जिन्हें सर्वश्रेष्ठ ऐंकर, सर्वश्रेष्ठ प्रोड्यूसर और सर्वश्रेष्ठ रिपोर्टर का अवॉर्ड मिल चुका है. 2016 में श्वेता को अलग अलग समारोह में कुल 12 अवॉर्ड मिले थे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, बिज़नेस, राजनीति, एंटरटेनमेंट और खेल पत्रकारिता में उनका समान दखल है.
श्वेता आजतक पर रोज़ रात 9 बजे दर्शकों को ‘ख़बरदार’ करती हैं. तो हर हफ़्ते कुछ ‘अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय’ लेकर भी आती हैं. उनके चुनिंदा कार्यक्रमों में शामिल हैं वंदे मातरम, हर हर गंगे, श्वेतपत्र और पाटलिपुत्र. श्वेता मशहूर टॉक शो ‘सीधी बात’ को भी होस्ट करती हैं. टीवी प्रोग्रामिंग के साथ साथ, श्वेता यू ट्यूब चैनल ‘भारत तक’ की टीम को भी लीड करती हैं.
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